काम की बातें
- अपनी रफ़्तार से आगे बढ़ें और वही कहें जो सही लगे। जो इंसान सच में मिलने लायक है, उसे यह बात समझ आएगी कि कुछ दिन बाक़ी दिनों से ज़्यादा मुश्किल होते हैं।
शहर के हिसाब से डेटिंग / विधवा या विधुर
जीवनसाथी को खोने से सब कुछ बदल जाता है, और लोगों से फिर मिलना शुरू करने का कोई सही समय नहीं होता। यहाँ के सदस्य यह दुख जानते हैं, और यह भी कि दुख और नई ख़ुशी साथ-साथ चल सकते हैं।
यहाँ सिर्फ़ वे सदस्य दिखते हैं, जिन्होंने अपनी प्रोफ़ाइल वेबसाइट पर दिखाने का फ़ैसला किया है।
प्रोफ़ाइल और फ़ोटो
आपकी प्रोफ़ाइल ही आपका पहला “हैलो” है। कुछ सच्ची लाइनें कैसे लिखें और ऐसी फ़ोटो कैसे चुनें कि लोगों का बातचीत शुरू करने का मन करे।
पहला मैसेज
“हाय, क्या हाल है?” से बात शायद ही आगे बढ़ती है। ऐसा पहला मैसेज कैसे लिखें जिसका जवाब देना आसान भी हो और अच्छा भी लगे — उदाहरणों के साथ, जिन्हें आप अपने हिसाब से ढाल सकें।
पहली डेट
सबसे अच्छी पहली डेट छोटी, सुकून भरी और किसी सार्वजनिक जगह पर होती है। ऐसे आइडिया जिनमें बात करने का मौक़ा मिले — और सुरक्षा की कुछ आसान आदतें, ताकि आप मुलाक़ात का पूरा मज़ा ले सकें।